विकास कार्यों पर सवाल उठाना विकास का विरोध नहीं है। यह लोकतंत्र में जनता का अधिकार है। जन अधिकार पार्टी जनशक्ति की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भण्डारी ने आज कुंभ-2027 की तैयारियों को लेकर चल रहे कार्यों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हरिद्वार में विकास का एक अजीब मॉडल चल रहा है।
पहले निर्माण, फिर आपत्ति, फिर तोड़फोड़, फिर नया निर्माण।अगर यही सिलसिला चलता रहा तो इसे विकास कहें या सरकारी ‘रीवर्क प्रोजेक्ट’ का मॉडल?
1. कुंभ एक ऐतिहासिक अवसर है, प्रयोगशाला नहीं: कुंभ-2027 हरिद्वार के लिए सदियों में आने वाला अवसर है। यह शहर को अगले 50 साल के लिए स्थायी रूप से बेहतर बनाने का मौका है, न कि प्रयोग करके देखने का। आज जो बन रहा है, कल उसे तोड़ना पड़े तो यह विकास नहीं, योजनाहीनता है।
2. सरकार बताए – यह जनता के पैसे का ट्रायल रन है क्या? एक सड़क बनती है, फिर सीवरेज के लिए तोड़ी जाती है। फुटपाथ बनता है, फिर ड्रेनेज के लिए उखाड़ा जाता है। घाट बनता है, फिर डिजाइन गलत बताकर दोबारा बनाया जाता है। हर बार पैसा जनता का लगता है, ठेका किसी नए चहेते को मिलता है। आखिर DPR, जमीन की हकीकत और तकनीकी जांच काम शुरू होने से पहले क्यों नहीं होती?
3. हरिद्वार को कैसा विकास चाहिए? आज हरिद्वार की जनता पूछ रही है – कुंभ के नाम पर हमें ऐसा विकास चाहिए जिसे देखकर जनता कहे – वाह! ये बना है कुंभ के लिए।

सीएनएन से भारत और दुनिया की नवीनतम ब्रेकिंग न्यूज, लाइव अपडेट, विशेषज्ञ विश्लेषण और व्यापक कवरेज के साथ सूचित रहें, जो समाचार और सूचना का एक विश्वसनीय स्रोत है।
संपर्क करें: contact@cnnindianews.org
कॉपीराइट © सर्वाधिकार सुरक्षित CNN INDIA NEWS | विकसित और डिज़ाइन किया गया Anas Raza द्वारा ( +918279626114 )
