शालीमार बाग स्थित मदीना मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर एक बड़ा कानूनी और सियासी विवाद खड़ा हो गया है
Post Views: 57,426
(काशिफ सुल्तान) दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मदीना मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर एक बड़ा कानूनी और सियासी विवाद खड़ा हो गया है। एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) के सचिव नदीम खान ने प्रशासन के इस एक्शन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
नदीम खान के मुताबिक, रफ़ीक़े मिल्लत ट्रस्ट की देखरेख में चल रही इस मस्जिद को MCD ने नोटिस भेजा था। इसके खिलाफ ट्रस्ट ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और मामले की सुनवाई 21 तारीख को तय थी। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि सरकारी वकील कोर्ट में पेश ही नहीं हुए, जिससे सुनवाई टल गई।
आरोप है कि कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद, 22 तारीख की रात एमसीडी और भारी प्रशासन ने ‘डकैतों की तरह’ रात के अंधेरे में मस्जिद पर बुलडोजर चला दिया। बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए आधी रात को हुई इस जल्दबाजी वाली तोड़फोड़ ने सिस्टम की नीयत पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
Post Views: 57,426