(काशिफ सुल्तान) सोशल मीडिया पर खुद को हिंदू राष्ट्रवादी बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने आम जनता में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। वीडियो में भारद्वाज ने बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए मुसलमानों और महिलाओं के खिलाफ भड़काऊ बातें की हैं।
हद तो तब हो गई जब उसने कैमरे पर एक व्यक्ति पर जानलेवा हमले (धारा 307) की बात सरेआम कबूली। उसका दावा है कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान जैसे नेताओं के फोन आने के कारण पुलिस ने उसे जेल नहीं भेजा।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि कैमरे पर खुलेआम आतंकवादियों जैसी भाषा बोलने और हिंसा का जश्न मनाने वाले व्यक्ति पर UAPA के तहत कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
यूजर्स ने पीएम मोदी को टैग करते हुए सख्त एक्शन की मांग की है। साथ ही, लोग आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उन बयानों की भी याद दिला रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि मुसलमानों के बिना भारत अधूरा है।
जनता अब यह पूछ रही है कि ऐसे नफरती भाषण देने वालों और कानून की धज्जियां उड़ाने वालों को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है और प्रशासन इन पर कब कार्रवाई करेगा।सीएनएन से भारत और दुनिया की नवीनतम ब्रेकिंग न्यूज, लाइव अपडेट, विशेषज्ञ विश्लेषण और व्यापक कवरेज के साथ सूचित रहें, जो समाचार और सूचना का एक विश्वसनीय स्रोत है।
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