CNN INDIA NEWS

एक ग्रेजुएट लड़की, जिसने कभी कलेक्टर बनने के सपने देखे थे ,क्यों बनी शराब की तस्कर ?

(काशिफ सुल्तान) सभी लोग बड़े चटखारे लेकर लिख रहे हैं—“नेहा झा शराब की तस्करी करते पकड़ी गई…”
लेकिन किसी ने एक बार भी यह पूछने की कोशिश की कि आखिर क्यों..?

एक ग्रेजुएट लड़की, जिसने कभी कलेक्टर बनने के सपने देखे थे…
जिसके हाथों में किताबें होनी चाहिए थीं, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी होनी चाहिए थी…
वह आखिर ऐसी राह पर क्यों चली गई, जहां एक गलती उसकी पूरी जिंदगी पर दाग बन सकती है?हमने उसे खबर बना दिया, उसके नाम के साथ तरह-तरह के शब्द जोड़ दिए, उसके परिवार की बातें खंगालने लगे…
लेकिन शायद किसी ने यह सोचने की कोशिश नहीं की कि उसके पीछे की कहानी क्या है..?

किसी लड़की का इस तरह के अवैध कारोबार में जाना सही नहीं है, लेकिन सिर्फ उसे बदनाम कर देना भी समस्या का समाधान नहीं है।

हो सकता है उसके पीछे कोई आर्थिक मजबूरी रही हो..?
हो सकता है परिवार का बोझ रहा हो..?
हो सकता है किसी ने उसका फायदा उठाया हो..?
या फिर कोई ऐसी मजबूरी, जिसे वह दुनिया के सामने बता भी न पा रही हो।

और अगर ऐसा कुछ है, तो सवाल सिर्फ नेहा से नहीं, उन लोगों से भी होना चाहिए जो इस पूरे नेटवर्क को चलाते हैं।

जिस प्रदेश में बड़े-बड़े नेटवर्क के जरिए शराब की तस्करी की खबरें सामने आती रहती हैं, वहां अगर एक लड़की कुछ बोतलों के साथ पकड़ी जाती है तो उसकी पूरी जिंदगी की कुंडली खंगालकर उसे तमाशा बना देना कितना सही है?

किसी की गिरफ्तारी खबर हो सकती है, लेकिन उसकी जिंदगी मनोरंजन नहीं है।

आज हम उसके ऊपर उंगली उठा रहे हैं।
कल वही लड़की अगर समाज के सामने टूटकर खड़ी हो गई तो क्या हममें से कोई उसके आंसू पोंछने जाएगा? जरूरत सनसनी की नहीं, जरूरत सच्चाई की है।
जरूरत है उसके चरित्र पर सवाल उठाने की नहीं, उसकी कहानी सुनने की।

उससे पूछा जाना चाहिए—
“तुमने यह रास्ता क्यों चुना?
“क्या तुम पर कोई दबाव था?
“क्या किसी ने तुम्हारा इस्तेमाल किया?
“क्या तुम्हारे पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या प्रभावशाली व्यक्ति है?

अगर वह दोषी है तो कानून अपना काम करे।
लेकिन अगर वह किसी मजबूरी, दबाव या बड़े खेल का हिस्सा बनी है, तो उसके पीछे छिपे असली चेहरों तक भी कानून पहुंचना चाहिए।

क्योंकि कभी-कभी तस्वीर में दिखाई देने वाला इंसान अपराधी नहीं,
किसी बड़ी कहानी का सिर्फ सबसे कमजोर किरदार होता है।

और याद रखिए..
किसी की जिंदगी को वायरल करने से पहले, एक बार इंसान बनकर उसकी मजबूरी जरूर पूछिए।

Exit mobile version